
जुत्ती पटियाले दी आ, लाहौर दिया वालिया … गीत इन दिनों काफी धूम मचा रहा है … गीत से यह भी पता चलता है कि पटियाले की जूती काफी मशहूर है…, लेकिन फाजिल्का में जो जूती बनी है, शायद ही ऐसी जूती देश में किसी ने बनाई हो…क्योंकि यह जूती कोई आम जूती नहीं है…यह चांदी से बनी हुई जूती है !!! जिस पर करीब 20 तोले चांदी लगाई गई है।
क्यों, है न हैरानी वाली बात…यह जूती फाजिल्का की इंन्दिरा मार्केट में प्रधान की हट्टी के संचालक राजिन्द्र बिल्ला खत्री ने बनाई है… वैसे उनके लिए यह कार्य काफी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उसने इस चुनौती को स्वीकार कर लिया… सोचा…मेहनत की और 25 दिनों में बना दी चांदी की जूती…जब राजिन्द्र बिल्ला खत्री से बात की तो उसने बताया कि उसने चांदी की जूती न कभी देखी और न ही कभी सुनी थी, लेकिन ग्राहक की चुनौती उसके सामने थी। जिसे वह पूरा करना चाहता था… जूतियों में अलग-अलग तरह की कढ़ाई करने में माहिर बिल्ला खत्री ने बताया कि बस एक चुनौती के कारण ही इस चांदी की जूती का जन्म हुआ है।

चांदी की जूती को बनाना कोई आसान काम नहीं था…खत्री ने पहले चांदी को गालने (पिंगलाने) के लिए एक सुनियारे को दी… गलने के बाद चांदी का पत्तरा तैयार किया … फिर उस पर विभिन्न प्रकार के डिजाइन ट्रेस किए… उन डिजाइनों को जूती की शेप देकर चांदी की जूती तैयार कर डाली…जूती का तला चमड़े से बनाया गया है ताकि चलते समय चांदी को किसी तरह का नुकसान न हो।
अब बात करते हैं इस जूती को बनवाने वाले की…जिस ने यह जूती बनवाई है..वह अबोहर के रहने वाले लधू राम हैं, जिन्होंने 21 हजार रूपये में यह जूती आर्डर पर बनवाई है…सिर्फ अपने शौंक को पूरा करने के लिए…और शौंक का कोई मूल्य नहीं होता।
