युद्ध में पाकिस्तान पर भारी पड़ी थी ये तोप

तीन दिसम्बर को शुरू हुए युद्ध दौरान पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों को गिराने और पाकिस्तानी रेंजरों को मात देने के लिए भारतीय सेनाओं की ओर से अन्य हथियारों के साथ साथ गगन भेदी तोप का भी मूंह खोल दिया गया था। जिसने दुश्मनों के नाक में दम कर दिया।

14 एम.एस.गगन भेदी तोप ने दुश्मनों को हथियार छोडऩे पर मजबूर कर दिया। 1942 में जबलपुर आर्डिनेस फैकट्री में तैयार गगनीभेदी तोप से जब 300 राऊंड प्रति मिंट से फायर दर से गोलियों की बोछार हुई तो दुश्मन घबरा गया। 840 किलोग्राम वजन और 40 एमएस केलीबर की इस तोप के गोलों की मार 12.6 किलोमीटर तक थी। जब भारत ने युद्ध में विजय हासिल कर ली तो इस तोप की प्रदर्शनी चौंक घंटा घर पर लगाई गई थी।

टिप्पणी करे