
फाजिल्का में जिन्होंने घंटा घर बनवाया…जनाना अस्पताल बनवाया…1928 से 1931 तक और 1931 से 39 तक म्यूनिसिप्ल कमेटी के चुने हुए प्रधान रहे… वह पांच साल तक अबोहर में ऑनरेरी मैजिस्टे्रट थे…वह थे सेठ श्योपत राय पैड़ीवाल…जिनका जन्म मार्च 1881 में हुआ…

फाजिल्का में सबसे बड़े जमींदार और जायदाद के मालिक श्योपत राय के पास दस हजार से ज्यादा घुमाव से अधिक जमीन थी…बीकानेर स्टेट और बहावलपुर रियासत में भी बहुत जायदाद के मालिक सेठ श्योपत राए अनुभवी शिक्षित और सार्वजनिक सेवा प्रेमी सज्जन थे।

ब्रिटिश साम्राज्य की ओर से इन्हें राय साहेब के खिताब से नवाजा गया था। वह सेठ श्योपत राय के तीन सुपुत्र हुए…जिनमें सबसे बड़े सेठ गंगा प्रसाद, सेठ लक्ष्मी नारायण और सेठ राम प्रसाद…इनमें सेठ लक्ष्मी नारायण पेड़ीवाल 1960 व 1985 में नगर कौंसिल के प्रधान रहे हैं।

जिन्होंने राज्य के पूर्व कृषि मंत्री स्व. कांशी राम के कार्यकाल में शहर के ऐतिहासिक प्रताप बाग का जीर्णोद्धार करवाया और प्रताप बाग का नाम संजय गांधी पार्क रखा…स्व. सेठ राम प्रसाद पेड़ीवाल की धर्मपत्नी की याद में श्री सनातन धर्म कन्या हाई स्कूल में एक विशाल भवन का निर्माण करवाया गया है…सेठ श्योपत राय पेड़ीवाल का निधन एक अप्रैल 1968 को हुआ था…सेठ लक्ष्मी नारायण पेड़ीवाल के सुपुत्र सुशील पेड़ीवाल बताते हैं कि गेरूवाला में सेठ श्योपत राय पेड़ीवाल की याद में ट्रस्ट बनाई गई है…

अगर पिछड़ी जाति को पांच-पांच एकड़ भूमि दी गई है तो वह भी पेड़ीवाल परिवार ही है… इस परिवार की ओर से हरीजन, नाई और कुम्हार को भूमि दान की गई है। यहां तक कि भूमि की रजिस्टरी का खर्च भी इस परिवार की ओर से किया गया था…इसके अलावा सेठ श्योपत राय पेड़ीवाल का इलाके में काफी रसूख था।
